जो कल तक करते थे भारत की बुराई, आज वतन वापसी पर चूम रहे हैं मिट्टी! जानिए क्यों?

संकट में याद आई 'मिट्टी की खुशबू' - UK TV Global
विशेष रिपोर्ट

संकट में याद आई 'मिट्टी की खुशबू': जब विदेशी चकाचौंध पर भारी पड़ा भारतीय तिरंगा

By Editorial Team Date: March 11, 2026

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Indian Student Emotional at Airport Landing

आज की भागदौड़ भरी दुनिया में बेहतर भविष्य, मोटी सैलरी और लग्जरी लाइफस्टाइल की चाहत में लाखों भारतीय सात समंदर पार जाकर बस जाते हैं। विदेश जाने का उत्साह इतना होता है कि कई बार लोग अपने ही देश की कमियां गिनाने लगते हैं।

लेकिन हालिया वैश्विक संकटों—चाहे वह युद्ध की विभीषिका हो या पड़ोसी देशों में मची उथल-पुथल—ने एक कड़वा मगर जरूरी सच सबको सिखा दिया है: "संकट की घड़ी में पासपोर्ट का रंग नहीं, बल्कि आपके देश की साख काम आती है।"

"एक प्रवासी के लिए विदेश सिर्फ कार्यस्थल हो सकता है, लेकिन भारत उसका सुरक्षा कवच है।"

वतन वापसी: जब आलोचना प्रशंसा में बदल गई

सोशल मीडिया पर हाल ही में ऐसे दर्जनों वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें सुरक्षित भारत लौटे नागरिक हवाई अड्डे पर उतरते ही भारत माता की मिट्टी को चूम रहे हैं। ये वही लोग हैं, जो कुछ समय पहले तक भारत के सिस्टम, सड़कों और सुविधाओं की आलोचना करते नहीं थकते थे।

India Rescue Mission Evacuation

लेकिन जैसे ही विदेशी जमीन पर असुरक्षा का साया मंडराया, उनकी जुबान पर सबसे पहला नाम 'हिंदुस्तान' का आया। आज जब ये लोग सुरक्षित अपने घरों में हैं, तो "सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा" और "जय हिंद" के नारे सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि उनके दिल की गहराई से निकली कृतज्ञता है।

मोदी सरकार का 'मिशन रेस्क्यू':
  • ऑपरेशन गंगा: हजारों छात्रों की सुरक्षित वापसी।
  • ऑपरेशन अजय: युद्ध क्षेत्र से भारतीयों का सफल रेस्क्यू।
  • डिप्लोमेसी: तिरंगे की ताकत से युद्ध विराम तक की कोशिश।

मोदी सरकार और कूटनीतिक जीत

संकट के समय में जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ने सक्रियता दिखाई है, उसने दुनिया भर में भारत का मान बढ़ाया है। आज भारत की डिप्लोमेसी इतनी मजबूत है कि युद्ध क्षेत्र में भी भारतीय झंडा देखकर दुश्मन की सेनाएं भी रास्ता दे देती हैं।

प्रधानमंत्री के 'नेशन फर्स्ट' के संकल्प ने प्रवासी भारतीयों के मन में यह विश्वास जगाया है कि वे चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हों, उनके पीछे एक शक्तिशाली राष्ट्र खड़ा है। यह भरोसा ही है जो आज लोगों को झुककर अपनी धरती माता को प्रणाम करने पर मजबूर कर रहा है।

एक नई सीख और आत्ममंथन

जो लोग विदेशों में रहकर भारत को कम आंकते थे, उनके लिए यह समय आत्ममंथन का है। विदेश की चकाचौंध हमें कुछ पल की खुशी दे सकती है, लेकिन सुरक्षा और सम्मान की असली पहचान केवल अपनी मातृभूमि ही होती है।

भारत केवल एक देश नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। आज पूरा विश्व देख रहा है कि भारत न केवल अपने लोगों की रक्षा करना जानता है, बल्कि मानवता के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है।

MOHD HASIM CEO
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